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चंद्र ग्रहण 2026: होली पर सूतक काल, समय और अंगारक योग के उपाय

 इस साल की होली क्यों है बेहद खास और दुर्लभ?

2026 की होली सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं है। इस बार एक साथ तीन दुर्लभ घटनाएं एक साथ घटित हो रही हैं-


पूर्ण चंद्र ग्रहण (Blood Moon)- 3 मार्च 2026
अंगारक योग (मंगल + राहु की युति)- फरवरी से अप्रैल 2026
फाल्गुन पूर्णिमा- होलिका दहन का पवित्र दिन


सैकड़ों वर्षों में एक बार ऐसा संयोग बनता है जब होलिका दहन की रात पूर्ण चंद्र ग्रहण पड़े। इसमें अगर अंगारक योग भी जुड़ जाए तो यह ज्योतिषीय दृष्टि से एक अत्यंत संवेदनशील और शक्तिशाली काल बन जाता है।






🌑 भाग 1- चंद्र ग्रहण 2026: पूरी जानकारी

📅 तारीख और समय

विवरण

समय (IST)

ग्रहण तिथि

मंगलवार, 3 मार्च 2026

सूतक काल प्रारंभ

प्रातः 6:20 AM

ग्रहण प्रारंभ (वैश्विक)

दोपहर 3:20 PM

भारत में चंद्रोदय

सायं 6:22 PM – 6:26 PM (शहर अनुसार)

भारत में दृश्य चरम

6:33 PM – 6:40 PM

ग्रहण समाप्ति

6:46 PM – 6:47 PM

सूतक मोक्ष

6:47 PM के बाद

होलिका दहन मुहूर्त

6:47 PM – 8:50 PM


🕐 कुल दृश्य अवधि (भारत में): केवल 20-25 मिनट- यह एक "ग्रस्तोदित चंद्र ग्रहण" है, यानी चंद्रमा पहले से ग्रसित अवस्था में उदय होगा।



🗺️ भारत में कहाँ-कहाँ दिखेगा चंद्र ग्रहण?

चूंकि यह ग्रहण भारत में चंद्रोदय के समय दृश्य होगा, इसलिए पूर्वी भारत के शहरों में इसे थोड़ा ज्यादा देखा जा सकेगा।


शहर

चंद्रोदय

ग्रहण दृश्यता

कोलकाता

~5:50 PM

सबसे अच्छी- 30+ मिनट

पटना / रांची

~5:55 PM

25-30 मिनट

गुवाहाटी / शिलांग

~5:40 PM

सर्वश्रेष्ठ दृश्यता

वाराणसी / लखनऊ

~6:05 PM

20-25 मिनट

दिल्ली

~6:22 PM

~20 मिनट

जयपुर / आगरा

~6:20 PM

~20 मिनट

मुंबई

~6:35 PM

~10-15 मिनट

हैदराबाद

~6:20 PM

~20 मिनट

चेन्नई / बेंगलुरु

~6:15 PM

~20-25 मिनट

भोपाल / इंदौर

~6:25 PM

~15-20 मिनट

अहमदाबाद

~6:38 PM

~10 मिनट या कम


🔭 टिप: पूर्वोत्तर राज्यों (असम, मेघालय, मणिपुर) में सबसे लंबे समय तक Blood Moon दिखेगा!



🌍 विश्व में कहाँ-कहाँ दिखेगा?

यह पूर्ण चंद्र ग्रहण इन देशों में पूरी तरह दृश्य होगा:


  • उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका

  • यूरोप और अफ्रीका

  • ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड

  • रूस, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, ईरान, इराक


भारत में: केवल अंतिम चरण (Grastodit Phase) ही दृश्य होगा।



🔴 Blood Moon क्यों दिखता है लाल?

जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच आती है तो पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है। पृथ्वी का वायुमंडल सूर्य की लाल किरणों को चंद्रमा पर परावर्तित करता है, जिससे चंद्रमा ताम्बई-लाल रंग का दिखता है। इसीलिए इसे "Blood Moon" कहते हैं।


यह ग्रहण सिंह राशि (Leo) में पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में हो रहा है।



⏰ सूतक काल- क्या करें, क्या न करें

सूतक काल: 3 मार्च 2026, प्रातः 6:20 AM से 6:47 PM तक

🚫 सूतक में क्या न करें:

  • भोजन न पकाएं, न खाएं (बीमार, बच्चे और बुजुर्ग अपवाद)

  • मंदिर न जाएं, देवी-देवता की मूर्तियों को न छुएं

  • कोई शुभ कार्य न करें

  • नए कपड़े न पहनें, नई वस्तु न खरीदें

  • तेल-मालिश न करें, बाल न काटें, नाखून न काटें

  • गर्भवती महिलाएं घर से बाहर न निकलें

✅ सूतक में क्या करें:

  • घर में तुलसी के पत्ते और कुशा घास रखें- भोजन-पानी को दूषित होने से बचाएंगे

  • हनुमान चालीसा, भगवद गीता, रामचरितमानस का पाठ करें

  • मंत्र जाप करते रहें

  • ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान करें

  • घर में गंगाजल छिड़कें

  • ब्राह्मणों को दान करें



होलिका दहन 2026- सही तारीख और मुहूर्त

यहाँ बहुत भ्रम है- जानें सही जवाब:


फाल्गुन पूर्णिमा: 2 मार्च शाम 5:55 PM से 3 मार्च शाम 5:07 PM तक


विवरण

जानकारी

होलिका दहन तारीख

3 मार्च 2026 (मंगलवार)

होलिका दहन मुहूर्त

6:47 PM से 8:50 PM

रंगवाली होली (धुलेंडी)

4 मार्च 2026 (बुधवार)


⚠️ महत्वपूर्ण: ग्रहण 6:47 PM पर समाप्त होगा, उसके बाद ही होलिका दहन करें।
जो लोग रात 12:50 AM (4 मार्च की सुबह) से पहले दहन करना चाहते हैं, वे भाद्रा-मुक्त समय 12:50 AM – 2:02 AM में भी कर सकते हैं।



🔥 भाग 2- अंगारक योग 2026

क्या है अंगारक योग?

मंगल + राहु जब एक ही राशि में बैठते हैं तो अंगारक योग बनता है।


  • मंगल = अग्नि, साहस, क्रोध, रक्त

  • राहु = माया, भ्रम, अचानक घटनाएं


इस बार यह योग कुंभ राशि में बन रहा है।


अंगारक योग की अवधि:


  • प्रारंभ: 23 फरवरी 2026

  • होली पर सक्रिय: 3-4 मार्च 2026

  • सबसे तीव्र: 13-14 मार्च 2026

  • समाप्ति: 2 अप्रैल 2026



⚠️ अंगारक योग + चंद्र ग्रहण का संयुक्त प्रभाव

यह वह संयोग है जो इस होली को ज्योतिष की दृष्टि से सबसे संवेदनशील बनाता है:


🔸 मंगल-राहु (अंगारक) = आग और विस्फोट की ऊर्जा
🔸 चंद्र ग्रहण = मन, भावनाएं और आत्मबल पर प्रहार
🔸 सिंह राशि में ग्रहण = अहंकार और नेतृत्व पर चोट
🔸 पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र = रिश्ते, भोग और विलास पर असर


इस दोहरी मार से सावधान रहें:


  • भावनात्मक निर्णय लेने से बचें

  • क्रोध में आकर कुछ भी न बोलें जो बाद में पछताना पड़े

  • साइबर धोखाधड़ी से सतर्क रहें

  • वाहन दुर्घटना का विशेष खतरा

  • किसी नए निवेश या संपत्ति खरीद से परहेज करें



🛡️ भाग 3- महाशक्तिशाली उपाय

जब ग्रहण + अंगारक योग एक साथ हो तो ये करें

⚡ ग्रहण काल में (3:20 PM – 6:47 PM):

1. महामृत्युंजय मंत्र का जाप (सर्वश्रेष्ठ)


"ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्"
108 बार या 1008 बार- यह ग्रहण + अंगारक दोनों का सर्वश्रेष्ठ उपाय है।


2. अंगारक शांति मंत्र:


"ॐ अं अंगारकाय नमः"- 108 बार


3. राहु शांति मंत्र:


"ॐ रां राहवे नमः"- 108 बार


4. चंद्र ग्रहण मंत्र:


"ॐ सों सोमाय नमः"- 108 बार



🌺 ग्रहण के बाद (6:47 PM के बाद) तुरंत करें:

  1. स्नान करें- पूरे घर में गंगाजल छिड़कें

  2. दान करें:

    • मंगल के लिए: लाल मसूर दाल, गुड़, तांबे का सिक्का

    • राहु के लिए: काले तिल, सरसों का तेल, नीली वस्तु

    • चंद्रमा के लिए: चावल, सफेद वस्तु, दूध

    • अनार के रस से शिवभिषेक करें ।

  3. होलिका दहन 6:47 PM के बाद करें- अग्नि में कुशा घास, गाय के गोबर के उपले और घी की आहुति दें

  4. मंदिर जाएं- शिव मंदिर या हनुमान मंदिर में पूजा करें



🌟 होलिका दहन पर विशेष अंगारक शांति अनुष्ठान:

ये उपाय अंगारक योग की अग्नि को होलिका की पवित्र अग्नि से शांत करने के लिए हैं-


  1. होलिका की अग्नि में लाल चंदन, गुगुल और तिल डालें

  2. अग्नि के 7 चक्कर लगाते हुए हनुमान चालीसा पढ़ें

  3. अग्नि को साक्षी मानकर संकल्प लें: "मैं क्रोध, अहंकार और आवेग का त्याग करता हूं"

  4. प्रसाद के रूप में लाल रंग की मिठाई बांटें



🪐 भाग 4- 12 राशियों पर संयुक्त प्रभाव और उपाय

🐏 मेष (Aries) ⭐⭐⭐

ग्रहण 5वें और 11वें भाव को प्रभावित करेगा। अचानक आर्थिक लाभ की संभावना पर जल्दबाज़ी में खर्च न करें।
🛡️ उपाय: मंगलवार को हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं।

🐂 वृषभ (Taurus) ⭐⭐

ग्रहण 4वें और 10वें भाव में। करियर और घरेलू तनाव एक साथ। माँ का स्वास्थ्य ध्यान रखें।
🛡️ उपाय: शनिवार को काले तिल का दान, शिवलिंग पर जल अर्पित करें।

👫 मिथुन (Gemini) ⭐⭐⭐

ग्रहण 3रे और 9वें भाव में। यात्रा में सावधानी, शुभ यात्रा के योग भी हैं।
🛡️ उपाय: बुधवार को हरे रंग का प्रसाद बांटें, गणेश जी का स्मरण करें।

🦀 कर्क (Cancer) ⚠️⚠️⚠️

ग्रहण 2रे और 8वें भाव में। सर्वाधिक प्रभावित राशि। धन हानि, स्वास्थ्य समस्या, पारिवारिक विवाद- तीनों का खतरा।
🛡️ उपाय: सोमवार उपवास, शिव-मंत्र का जाप, सफेद वस्तु दान।

🦁 सिंह (Leo) ⚠️⚠️

ग्रहण सीधे आपकी राशि में! अहंकार और भावनात्मक उथलपुथल। बड़े निर्णय 15 दिन टालें।
🛡️ उपाय: ग्रहण काल में चंद्र मंत्र का जाप, रात को दूध पिएं।

🌾 कन्या (Virgo) ⭐⭐

ग्रहण 12वें और 6वें भाव में। गुप्त शत्रुओं से सावधान, फ़िज़ूलखर्ची न करें।
🛡️ उपाय: रोज़ाना ध्यान और प्राणायाम करें।

⚖️ तुला (Libra) ⭐⭐⭐

ग्रहण 11वें और 5वें भाव में। मित्रों से लाभ, पर प्रेम संबंधों में सावधानी रखें।
🛡️ उपाय: शुक्रवार को सफेद फूल देवी माँ को अर्पित करें।

🦂 वृश्चिक (Scorpio) ⭐⭐

ग्रहण 10वें और 4वें भाव में। करियर में उतार-चढ़ाव, घर में मनमुटाव।
🛡️ उपाय: मंगलवार को माता रानी की चौकी करें।

🏹 धनु (Sagittarius) ⭐⭐⭐

ग्रहण 9वें और 3रे भाव में। भाग्य का साथ, पर पितृजनों का स्वास्थ्य ध्यान रखें।
🛡️ उपाय: गुरुवार को पीली वस्तु दान करें।

🐐 मकर (Capricorn) ⭐⭐

ग्रहण 8वें और 2रे भाव में। वाणी पर संयम सबसे ज़रूरी। परिवार में बड़ों का सम्मान करें।
🛡️ उपाय: शनिवार को काले कुत्ते को रोटी खिलाएं।

🏺 कुंभ (Aquarius) ⚠️⚠️⚠️

अंगारक योग + ग्रहण का दोहरा प्रहार! अपनी राशि में मंगल-राहु और ग्रहण सिंह में- दोनों से सावधानी।
🛡️ उपाय: उज्जैन में मंगलनाथ अभिषेक, महामृत्युंजय जाप 1008 बार।

🐟 मीन (Pisces) ⭐⭐⭐

ग्रहण 6वें और 12वें भाव में। आध्यात्मिक जागरण का उत्तम समय। ग्रहण काल में ध्यान करें।
🛡️ उपाय: जरूरतमंदों को दान, विष्णुसहस्रनाम का पाठ।



🧘 भाग 5- आध्यात्मिक दृष्टिकोण: यह काल क्यों है महाशक्तिशाली?

शास्त्रों में कहा गया है-


"ग्रहणकाले यत् कृतं दशगुणं भवति"
ग्रहण काल में किया गया दान, जप और ध्यान दस गुना फलदायी होता है।


इसका अर्थ यह हुआ कि यह काल सिर्फ खतरनाक नहीं, बल्कि आध्यात्मिक साधना के लिए सर्वोत्तम भी है।


जो साधक इस काल में-


  • ध्यान में बैठें

  • मंत्र का जाप करें

  • दान-धर्म करें


वे इस अंगारक-ग्रहण की ऊर्जा को महाशक्ति की तरह उपयोग कर सकते हैं।


होलिका की अग्नि भी यही संदेश देती है- जो भी नकारात्मकता, भय, क्रोध और अहंकार है, उसे इस पवित्र अग्नि में जला दो।



📊 एक नज़र में- सभी महत्वपूर्ण तिथियां

तिथि

घटना

23 फरवरी 2026

अंगारक योग प्रारंभ (मंगल कुंभ में)

3 मार्च 2026

पूर्ण चंद्र ग्रहण + फाल्गुन पूर्णिमा

3 मार्च, 6:20 AM

सूतक काल प्रारंभ

3 मार्च, 3:20 PM

ग्रहण प्रारंभ (वैश्विक)

3 मार्च, 6:22-6:26 PM

भारत में चंद्रोदय (Blood Moon दृश्य)

3 मार्च, 6:47 PM

ग्रहण समाप्त + सूतक मोक्ष

3 मार्च, 6:47-8:50 PM

होलिका दहन मुहूर्त

4 मार्च 2026

रंगवाली होली (धुलेंडी)

13-14 मार्च 2026

अंगारक योग सबसे तीव्र

2 अप्रैल 2026

अंगारक योग समाप्त



🔑 निष्कर्ष

होली 2026 भारतीय ज्योतिष और खगोलशास्त्र के इतिहास में एक यादगार अध्याय बनने वाली है।


चंद्र ग्रहण + अंगारक योग + फाल्गुन पूर्णिमा- यह तीनों मिलकर हमें एक ही संदेश दे रहे हैं:


"होलिका की पवित्र अग्नि में अपनी नकारात्मकता जलाओ, ग्रहण काल में साधना करो, और रंगों से जीवन को नया रंग दो।"


जय भवानी 



Comments

  1. बेहद उपयोगी और दुर्लभ जानकारी के लिए शत शत नमन 🙏🙏

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  2. वाकई बहुत विलक्षण योग बन रहा है। इसका लाभ अवश्य उठाया जाना चाहिए।

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